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इसे सà¥à¤¨à¥‡à¤‚रोकेंà¤à¤¸à¤¾ लगता है कि नवजात शिशॠनींद में है और दूध पीने के लिठजाग नहीं सकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ आपको पहले दिन अपने शिशॠको कम से कम 3 से 4 बार दूध पिलाने की ज़रूरत है। दूसरे दिन से, आपका शिशॠअधिक सतरà¥à¤• हो जाता है और बार-बार दूध की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, दिन में 8 से 12 बार।
इसे सà¥à¤¨à¥‡à¤‚रोकेंजनà¥â€à¤® के बाद पहले कà¥à¤› दिनों तक 24 घंटे के अंदर शिशॠको 8 से 12 बार दूध पिलाना होता है। इससे शिशॠके शरीर को पोषण मिलता है, उसका वजन बढ़ता है और कई बीमारियों से बचाव à¤à¥€ होता है।
इसे सà¥à¤¨à¥‡à¤‚रोकें-1 से 3 साल: à¤à¤• से तीन साल की उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को रोजाना 100 से 200 मिलीलीटर दूध पिलाना चाहिà¤, जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बढ़ती उमà¥à¤° में उचित मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® मिल सके. दूध के अलावा बचà¥à¤šà¥‡ को दूध और दही से बने पà¥à¤°à¥‰à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ दे सकते हैं.
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